स्पष्टता पहले, गति बाद में
पेज 8 • स्पष्टता और आंतरिक शांति
आंतरिक शांति तब आती है जब मन में अत्यधिक प्रश्न नहीं रहते।
स्पष्टता उन प्रश्नों को धीरे-धीरे शांत कर देती है।
जब हमें पता होता है कि हमें क्या करना है और क्या छोड़ना है, तो मन हल्का महसूस करता है।
हम हर परिस्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश नहीं करते।
हम वही करते हैं जो हमारे नियंत्रण में है, और बाकी को स्वीकार करना सीखते हैं।
यही स्वीकार आंतरिक शांति की जड़ है।
स्पष्ट सोच हमें बाहरी शोर से अलग रखती है।
और भीतर एक स्थिर स्थान बनाती है।
यहीं से संतुलित जीवन की शुरुआत होती है।
आज का अभ्यास:
आज एक पल रुकिए,
सांस लीजिए,
और अपने मन को स्पष्ट होने दीजिए।
Shaktimatha Learning – Learn • Reflect • Grow
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