🌅 विशेष विषय – Page 3
जो कहा जाए, वही लौटकर आता है।
हर दिन हम बहुत से शब्द बोलते हैं। कुछ आदत से, कुछ बिना सोचे।
लेकिन शब्द केवल आवाज़ नहीं होते। वे मन की दिशा तय करते हैं।
आज बोले गए शब्द आज के माहौल को बनाते हैं।
कठोर शब्द दिन को भारी कर देते हैं। नरम शब्द दिन को हल्का बना देते हैं।
जब ध्यान आज पर होता है, तो शब्द भी सोच-समझकर निकलते हैं।
तब हम कम समझाते हैं और ज़्यादा समझते हैं।
आज के शब्द कल की याद बनते हैं।
इसीलिए आज अपने शब्दों को थोड़ा स्नेह दें।
आज का छोटा अभ्यास:
“मैं आज नरमी से बोलूँगा।”
🌱 Shaktimatha Learning
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