🌅 विशेष विषय – Page 2
धीरे पढ़ें। विचार को ठहरने दें।
बहुत से लोग धीमे होने से डरते हैं। उन्हें लगता है कि रुकने से वे पीछे रह जाएंगे।
लेकिन जीवन हमें कुछ और सिखाता है।
जब मन थोड़ा धीमा होता है, तो वह साफ़ देखने लगता है। छोटी-छोटी बातें समझ में आने लगती हैं।
जल्दबाज़ मन प्रतिक्रिया देता है। शांत मन उत्तर देता है।
इसीलिए कई सही निर्णय शोर में नहीं, शांति में मिलते हैं।
धीमा होना रुकना नहीं है। यह अगले कदम को सोच-समझकर चुनना है।
यह विचार हर उस व्यक्ति के लिए है जो भागदौड़ से थक चुका है, पर आगे बढ़ना चाहता है।
आज सुबह खुद से धीरे से कहें:
“मुझे थोड़ा धीमा होने की अनुमति है।”
🌱 Shaktimatha Learning
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