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Sunday, 22 February 2026

 

 विशेष विषय
जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शासन
Page 5 – पर्यावरणीय कानून एवं संस्थाएँ


🇮🇳 भारत के प्रमुख पर्यावरणीय कानून

  • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 – व्यापक पर्यावरणीय संरक्षण कानून।
  • वन संरक्षण अधिनियम, 1980 – वनों की सुरक्षा।
  • जैव विविधता अधिनियम, 2002 – जैव संसाधनों का संरक्षण।

परीक्षा फोकस: अधिनियम का उद्देश्य और प्रमुख प्रावधान।


⚖ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)

  • स्थापना – 2010।
  • उद्देश्य – पर्यावरणीय विवादों का त्वरित निपटान।
  • पर्यावरणीय न्याय और सतत विकास को बढ़ावा।

महत्व: पर्यावरणीय शासन में न्यायिक सक्रियता।


 वैश्विक पर्यावरणीय संस्थाएँ

  • UNEP (United Nations Environment Programme) – वैश्विक पर्यावरण नीति समन्वय।
  • IPCC – जलवायु विज्ञान पर मूल्यांकन रिपोर्ट।
  • Green Climate Fund (GCF) – जलवायु वित्त सहयोग।

परीक्षा टिप: प्रत्येक संस्था का मुख्यालय और भूमिका याद रखें।


 पर्यावरणीय शासन की चुनौतियाँ

  • कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन।
  • विकास बनाम संरक्षण द्वंद्व।
  • वैश्विक सहयोग की सीमाएँ।

विश्लेषण: मजबूत संस्थागत ढांचा सतत विकास का आधार है।


✍ मुख्य परीक्षा उत्तर संरचना

परिचय: पर्यावरणीय शासन का महत्व।

मुख्य भाग: भारतीय कानून + NGT + वैश्विक संस्थाएँ।

निष्कर्ष: प्रभावी क्रियान्वयन और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता।


“कानून और संस्थाएँ तभी प्रभावी हैं जब उनका ईमानदारी से क्रियान्वयन हो।”

Prepared by Shaktimatha Learning
संस्थागत विश्लेषण | नीति समझ | परीक्षा उत्कृष्टता

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