डेली करंट अफेयर्स – 1 मार्च 2026
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GS Paper 2 | विदेश नीति | वैश्विक कूटनीति
भारत की वैश्विक भूमिका
भारत वैश्विक मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा दे रहा है।
रणनीतिक स्वायत्तता भारत की विदेश नीति का प्रमुख आधार बनी हुई है।
बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था
विश्व व्यवस्था तेजी से बहुध्रुवीय स्वरूप ग्रहण कर रही है।
ऐसे परिदृश्य में भारत संतुलित कूटनीति के माध्यम से अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा कर रहा है।
आर्थिक कूटनीति
व्यापार समझौते, निवेश सहयोग और तकनीकी साझेदारी अंतरराष्ट्रीय संबंधों के महत्वपूर्ण आयाम बन चुके हैं।
आर्थिक सहयोग दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है।
जलवायु और वैश्विक सहयोग
जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर भारत सक्रिय सहयोग और उत्तरदायी नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।
सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुपक्षीय सहयोग आवश्यक है।
प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
रणनीतिक स्वायत्तता का तात्पर्य क्या है?
A. किसी एक महाशक्ति पर निर्भरता
B. पूर्ण अलगाव नीति
C. स्वतंत्र निर्णय क्षमता के साथ संतुलित विदेश नीति
D. केवल सैन्य गठबंधन
उत्तर: C
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
“बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता उसकी विदेश नीति की मुख्य शक्ति है।” विश्लेषण कीजिए।
संतुलित कूटनीति ही दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों की रक्षा करती है।
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