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Thursday, 19 February 2026

 

💰 Daily Current Affairs फरवरी 2026 – अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग

RBI नीति, मुद्रास्फीति और भारत की आर्थिक स्थिति


 RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में मौद्रिक नीति की समीक्षा की है। मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और आर्थिक वृद्धि के संतुलन को बनाए रखना RBI का मुख्य उद्देश्य है। वैश्विक बाजार की अस्थिरता और खाद्य कीमतों में वृद्धि प्रमुख चिंताएँ हैं।

  • रेपो रेट में संभावित बदलाव
  • तरलता प्रबंधन
  • मुद्रास्फीति नियंत्रण उपाय
  • आर्थिक स्थिरता बनाए रखना

परीक्षा दृष्टि से: रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, मौद्रिक नीति समिति (MPC)।


भारत की GDP वृद्धि

भारत विश्व की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। निर्माण क्षेत्र, सेवा क्षेत्र और डिजिटल अर्थव्यवस्था विकास के प्रमुख आधार हैं। सरकारी पूंजीगत व्यय से रोजगार और मांग में वृद्धि होती है।

  • मेक इन इंडिया पहल
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार
  • विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI)
  • बुनियादी ढांचा विकास

महत्व: GDP वृद्धि रोजगार, निवेश और शेयर बाजार को प्रभावित करती है।


 बैंकिंग क्षेत्र में सुधार

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सुधार किए जा रहे हैं। डिजिटल भुगतान प्रणाली और UPI के विस्तार से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है।

  • NPA में कमी के प्रयास
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय
  • UPI और डिजिटल बैंकिंग
  • वित्तीय समावेशन कार्यक्रम

परीक्षा दृष्टि से: NPA का अर्थ, बेसल मानदंड, वित्तीय समावेशन।


📊 बाजार पर प्रभाव

RBI की नीति घोषणाओं का प्रभाव शेयर बाजार, विशेषकर बैंकिंग शेयरों पर तुरंत दिखाई देता है। मुद्रास्फीति और ब्याज दरों में बदलाव निवेश निर्णयों को प्रभावित करते हैं।


© Shaktimatha Today News | हिंदी संस्करण – अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग Page 3

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