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Friday, 27 February 2026

 

 दैनिक समसामयिकी – 28 फरवरी 2026

हिंदी | पृष्ठ 6 | पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन


 1. वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming)

ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती मात्रा के कारण वैश्विक तापमान में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे समुद्र स्तर वृद्धि, हिमनद पिघलना और चरम मौसमी घटनाएँ बढ़ रही हैं।

मुख्य ग्रीनहाउस गैसें:

  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)
  • मीथेन (CH₄)
  • नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O)

Prelims Tip: ग्रीनहाउस प्रभाव की प्रक्रिया समझें।


 2. पेरिस समझौता और भारत की प्रतिबद्धताएँ

पेरिस समझौते (2015) का उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से नीचे सीमित करना है।

भारत की प्रमुख प्रतिबद्धताएँ:

  • नेट ज़ीरो लक्ष्य – 2070 तक
  • नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि
  • कार्बन उत्सर्जन तीव्रता में कमी

मुख्य परीक्षा दृष्टिकोण: विकास और पर्यावरण संतुलन।


 3. कार्बन बाज़ार और जलवायु वित्त

कार्बन क्रेडिट प्रणाली उत्सर्जन कम करने के लिए एक आर्थिक प्रोत्साहन तंत्र है।

महत्व:

  • स्वच्छ प्रौद्योगिकी को बढ़ावा
  • विकासशील देशों को वित्तीय सहायता
  • जलवायु अनुकूलन कार्यक्रम

 4. जैव विविधता संरक्षण

जैव विविधता पारिस्थितिक संतुलन के लिए आवश्यक है।

संबंधित अवधारणाएँ:

  • संरक्षित क्षेत्र (National Parks, Wildlife Sanctuaries)
  • वन संरक्षण अधिनियम
  • सतत विकास लक्ष्य (SDGs)

 मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

“भारत की जलवायु प्रतिबद्धताएँ विकासशील अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं के साथ किस प्रकार संतुलित हैं?” (250 शब्द)


📘 पर्यावरणीय जिम्मेदारी + विकास संतुलन = उच्च अंक
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