दैनिक समसामयिकी – 28 फरवरी 2026
हिंदी | पृष्ठ 8 | बजट एवं राजकोषीय नीति
💰 1. केंद्रीय बजट की संरचना
केंद्रीय बजट मुख्यतः दो भागों में विभाजित होता है:
- राजस्व बजट – राजस्व प्राप्तियाँ एवं राजस्व व्यय
- पूंजी बजट – पूंजी प्राप्तियाँ एवं पूंजी व्यय
राजस्व व्यय: वेतन, सब्सिडी, ब्याज भुगतान।
पूंजी व्यय: अवसंरचना निर्माण, परिसंपत्ति सृजन।
Prelims Tip: राजस्व घाटा और राजकोषीय घाटा में अंतर समझें।
📊 2. राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)
राजकोषीय घाटा = कुल व्यय – (कुल राजस्व प्राप्तियाँ + गैर-ऋण पूंजी प्राप्तियाँ)
यह दर्शाता है कि सरकार अपने व्यय को पूरा करने के लिए कितना उधार ले रही है।
संबंधित अवधारणाएँ:
- प्राथमिक घाटा
- राजस्व घाटा
- सार्वजनिक ऋण
3. FRBM अधिनियम (2003)
राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम का उद्देश्य राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना और घाटे को नियंत्रित करना है।
मुख्य परीक्षा दृष्टिकोण: आर्थिक स्थिरता में FRBM की प्रासंगिकता।
4. राजकोषीय नीति बनाम मौद्रिक नीति
राजकोषीय नीति: सरकार द्वारा कर एवं व्यय के माध्यम से नियंत्रित।
मौद्रिक नीति: भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ब्याज दर एवं तरलता नियंत्रण के माध्यम से।
दोनों के समन्वय से मुद्रास्फीति नियंत्रण और विकास सुनिश्चित किया जाता है।
5. बजट प्राथमिकताएँ
- अवसंरचना विकास
- हरित ऊर्जा निवेश
- ग्रामीण विकास
- डिजिटल अर्थव्यवस्था
ये प्राथमिकताएँ दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन की दिशा में सहायक हैं।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
“राजकोषीय अनुशासन और विकासात्मक व्यय के बीच संतुलन पर चर्चा कीजिए।” (250 शब्द)
📘 राजकोषीय अनुशासन + रणनीतिक निवेश = सतत विकास
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