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Friday, 27 February 2026

 

 दैनिक समसामयिकी – 28 फरवरी 2026

हिंदी | पृष्ठ 8 | बजट एवं राजकोषीय नीति


💰 1. केंद्रीय बजट की संरचना

केंद्रीय बजट मुख्यतः दो भागों में विभाजित होता है:

  • राजस्व बजट – राजस्व प्राप्तियाँ एवं राजस्व व्यय
  • पूंजी बजट – पूंजी प्राप्तियाँ एवं पूंजी व्यय

राजस्व व्यय: वेतन, सब्सिडी, ब्याज भुगतान।
पूंजी व्यय: अवसंरचना निर्माण, परिसंपत्ति सृजन।

Prelims Tip: राजस्व घाटा और राजकोषीय घाटा में अंतर समझें।


📊 2. राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)

राजकोषीय घाटा = कुल व्यय – (कुल राजस्व प्राप्तियाँ + गैर-ऋण पूंजी प्राप्तियाँ)

यह दर्शाता है कि सरकार अपने व्यय को पूरा करने के लिए कितना उधार ले रही है।

संबंधित अवधारणाएँ:

  • प्राथमिक घाटा
  • राजस्व घाटा
  • सार्वजनिक ऋण

 3. FRBM अधिनियम (2003)

राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम का उद्देश्य राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना और घाटे को नियंत्रित करना है।

मुख्य परीक्षा दृष्टिकोण: आर्थिक स्थिरता में FRBM की प्रासंगिकता।


4. राजकोषीय नीति बनाम मौद्रिक नीति

राजकोषीय नीति: सरकार द्वारा कर एवं व्यय के माध्यम से नियंत्रित।
मौद्रिक नीति: भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ब्याज दर एवं तरलता नियंत्रण के माध्यम से।

दोनों के समन्वय से मुद्रास्फीति नियंत्रण और विकास सुनिश्चित किया जाता है।


 5. बजट प्राथमिकताएँ

  • अवसंरचना विकास
  • हरित ऊर्जा निवेश
  • ग्रामीण विकास
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था

ये प्राथमिकताएँ दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन की दिशा में सहायक हैं।


 मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

“राजकोषीय अनुशासन और विकासात्मक व्यय के बीच संतुलन पर चर्चा कीजिए।” (250 शब्द)


📘 राजकोषीय अनुशासन + रणनीतिक निवेश = सतत विकास
© 2026 Shaktimatha Learning – आर्थिक शासन श्रृंखला

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