Labels

Saturday, 7 February 2026

 


 संवैधानिक एवं राजनीति विश्लेषण

Daily Current Affairs – Page 3

UPSC GS-II • State PSC • Constitutional Focus


🔹 1. संघवाद (Federalism) और संवैधानिक संतुलन

भारतीय संविधान एक सहकारी संघवाद की परिकल्पना करता है, जहाँ केंद्र और राज्य मिलकर शासन करते हैं। हाल की घटनाएँ संघ-राज्य संबंधों में तनाव और संवैधानिक संतुलन की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।

🔹 2. राज्यपाल की भूमिका: संवैधानिक बनाम विवेकाधीन

संविधान के अनुच्छेद 153–167 राज्यपाल की भूमिका निर्धारित करते हैं। सिद्धांततः राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है, परंतु कुछ परिस्थितियों में विवेकाधीन शक्तियाँ विवाद का कारण बनती हैं।

  • विधानसभा सत्र बुलाना / स्थगित करना
  • मुख्यमंत्री की नियुक्ति
  • विधेयकों पर सहमति या पुनर्विचार

🔹 3. विधायिका–कार्यपालिका संबंध

लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधायिका की सर्वोच्चता और कार्यपालिका की जवाबदेही आवश्यक है। बार-बार अध्यादेशों का प्रयोग और सत्रों में देरी इस संतुलन को प्रभावित कर सकती है।

🔹 4. सर्वोच्च न्यायालय का दृष्टिकोण

सर्वोच्च न्यायालय ने कई मामलों में संवैधानिक नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर बल दिया है। न्यायालय का हस्तक्षेप संस्थागत संतुलन बनाए रखने में सहायक रहा है।

🔹 5. समकालीन प्रासंगिकता (Current Relevance)

  • राज्य विधानसभाओं और राज्यपाल के बीच टकराव
  • विधेयकों पर निर्णय में देरी
  • संघवाद पर राजनीतिक बहस
🎯 Mains Answer Tip:
उत्तर में अनुच्छेदों का उल्लेख करें, न्यायालय के निर्णय जोड़ें और अंत में सुधारात्मक सुझाव (Way Forward) दें।

➡️ अगला पेज: Page 4 – Summary & Way Forward (Mains Focus)


© Shaktimatha Learning | Hindi Daily Current Affairs

No comments:

Post a Comment

Shaktimatha Global Leadership Psychology Mega Library | Multilingual Leadership Master Series

  Shaktimatha Global Leadership Psychology Mega Library Multilingual Leadership Master Series Leadership is not buil...