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Monday, 9 February 2026

 

 प्रौद्योगिकी बनाम आम नागरिक – हिंदी
Page 2 | डिजिटल शासन और सेवा वितरण

मुख्य फोकस: डिजिटल शासन (Digital Governance) ने सरकारी सेवाओं के वितरण को तेज़, पारदर्शी और कुशल बनाया है। हालाँकि, आम नागरिक के लिए इसकी पहुँच और उपयोग में कई व्यावहारिक चुनौतियाँ भी बनी हुई हैं।

आज सरकारी सेवाएँ— जैसे पहचान, सब्सिडी, पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और प्रमाण-पत्र— डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप्स भ्रष्टाचार को कम करने और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायक रहे हैं। फिर भी, तकनीकी त्रुटियाँ, डिजिटल साक्षरता की कमी और नेटवर्क समस्याएँ आम नागरिक के लिए बाधा बनती हैं।

 डिजिटल शासन के प्रमुख लाभ

  • सेवाओं में गति और पारदर्शिता
  • मध्यस्थों की भूमिका में कमी
  • लीकेज और भ्रष्टाचार में गिरावट
  • नागरिकों के लिए समय और लागत की बचत

 आम नागरिक के सामने चुनौतियाँ

  • डिजिटल साक्षरता और तकनीकी ज्ञान की कमी
  • ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी
  • बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए प्लेटफॉर्म की जटिलता
  • प्रमाणीकरण (Authentication) से जुड़ी समस्याएँ

संस्थागत और प्रशासनिक मुद्दे

  • स्थानीय स्तर पर तकनीकी क्षमता की कमी
  • विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म में समन्वय का अभाव
  • शिकायत निवारण तंत्र की कमजोरियाँ
  • मानवीय हस्तक्षेप की सीमित गुंजाइश

डिजिटल शासन को समावेशी बनाने के उपाय

  • डिजिटल सेवाओं के साथ ऑफलाइन विकल्प
  • डिजिटल साक्षरता और जागरूकता अभियान
  • ग्रामीण ब्रॉडबैंड और मोबाइल नेटवर्क का विस्तार
  • स्थानीय सहायता केंद्र और मानवीय सहायता

 परीक्षा दृष्टिकोण

यह विषय GS-II (ई-गवर्नेंस) और GS-III (तकनीक) के लिए महत्वपूर्ण है। उत्तर में दक्षता बनाम समावेशन का संतुलित विश्लेषण अपेक्षित है।

सारांश: डिजिटल शासन तभी सफल होगा जब तकनीक को मानवीय संवेदनशीलता और संस्थागत समर्थन के साथ जोड़ा जाए।

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