🧬 स्पेशल टॉपिक 2 – वायरस एवं जैव प्रौद्योगिकी
जैव प्रौद्योगिकी बनाम कैंसर (Page 3)
कैंसर क्या है?
कैंसर एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से विभाजित होने लगती हैं। यह सामान्य कोशिकीय नियंत्रण तंत्र के विफल होने के कारण होता है।
- डीएनए में उत्परिवर्तन
- कोशिकाओं का असामान्य विभाजन
- ट्यूमर का निर्माण
जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका
जैव प्रौद्योगिकी ने कैंसर उपचार में क्रांतिकारी परिवर्तन किए हैं। परंपरागत कीमोथेरेपी के स्थान पर लक्षित उपचार और जीन आधारित उपचार विकसित हुए हैं।
- इम्यूनोथेरेपी (प्रतिरक्षा आधारित उपचार)
- जीन थेरेपी
- मोनोक्लोनल एंटीबॉडी
- व्यक्तिगत (Precision) चिकित्सा
इम्यूनोथेरेपी
इम्यूनोथेरेपी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में सहायता करती है। यह उपचार अपेक्षाकृत कम दुष्प्रभाव उत्पन्न करता है।
🧬 जीन थेरेपी
जीन थेरेपी में दोषपूर्ण जीन को सुधारने या बदलने का प्रयास किया जाता है। CRISPR जैसी तकनीकें भविष्य में अधिक प्रभावी उपचार प्रदान कर सकती हैं।
चुनौतियाँ
- उच्च लागत
- जटिल तकनीकी प्रक्रिया
- नैतिक और सुरक्षा चिंताएँ
- सभी प्रकार के कैंसर पर समान प्रभाव नहीं
📚 परीक्षा दृष्टिकोण
- GS-III – जैव प्रौद्योगिकी में विकास
- स्वास्थ्य नीति
- निबंध – “विज्ञान और मानव कल्याण”
कैंसर चुनौती है, परंतु जैव प्रौद्योगिकी आशा की किरण है।
उन्नत विज्ञान, गहन तैयारी
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