🧬 स्पेशल टॉपिक 2 – वायरस एवं जैव प्रौद्योगिकी
MCQs एवं मेन्स लेखन अभ्यास (Page 5)
🎯 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. वायरस स्वतंत्र रूप से क्यों जीवित नहीं रह सकते?
A) इनमें DNA नहीं होता
B) ये केवल पानी में जीवित रहते हैं
C) ये मेजबान कोशिका पर निर्भर होते हैं
D) ये प्रकाश संश्लेषण करते हैं
उत्तर: C
2. mRNA टीका कैसे कार्य करता है?
A) जीवित वायरस इंजेक्ट कर
B) कोशिकाओं को वायरल प्रोटीन बनाने का निर्देश देकर
C) एंटीबायोटिक देकर
D) रक्त को पतला कर
उत्तर: B
3. जीन संपादन तकनीक का उदाहरण है:
A) PCR
B) CRISPR
C) एंटीबायोटिक
D) रेडियोथेरेपी
उत्तर: B
4. जैव सुरक्षा का मुख्य उद्देश्य है:
A) इंटरनेट की सुरक्षा
B) जैव अनुसंधान के दुरुपयोग को रोकना
C) कृषि निर्यात बढ़ाना
D) कर संग्रह बढ़ाना
उत्तर: B
प्रश्न 1 (150 शब्द)
“महामारी प्रबंधन में जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका स्पष्ट कीजिए।”
महामारी प्रबंधन में जैव प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। टीका विकास, जीनोमिक अनुक्रमण और उन्नत निदान तकनीकें रोग की पहचान और नियंत्रण में सहायक हैं। mRNA टीकों ने तेजी से प्रतिरक्षा विकसित करने की क्षमता दिखाई है। जीनोमिक निगरानी से नए वेरिएंट की पहचान संभव होती है। हालाँकि वैश्विक सहयोग, स्वास्थ्य अवसंरचना और समान वितरण आवश्यक हैं। जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से महामारी से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
प्रश्न 2 (250 शब्द)
“आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी में नैतिक और नियामक चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।”
आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी ने चिकित्सा, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन किए हैं। जीन संपादन, क्लोनिंग और कृत्रिम जीव निर्माण जैसी तकनीकों ने नई संभावनाएँ उत्पन्न की हैं। परंतु इन तकनीकों के साथ नैतिक और नियामक चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं।
जीन संपादन से ‘डिज़ाइनर बेबी’ जैसी अवधारणाएँ सामाजिक असमानता को बढ़ा सकती हैं। क्लिनिकल परीक्षणों में सूचित सहमति और पारदर्शिता आवश्यक है। डेटा गोपनीयता और जैव आतंकवाद की आशंका भी गंभीर चिंता का विषय है।
सरकारों को मजबूत कानूनी ढाँचा, स्वतंत्र नैतिक समिति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग सुनिश्चित करना चाहिए। संतुलित दृष्टिकोण से ही विज्ञान और समाज के बीच विश्वास कायम रह सकता है।
विज्ञान को समझें, विश्लेषण करें, और लिखकर अभ्यास करें।
प्रीलिम्स से मेन्स तक समग्र तैयारी
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