🧬 स्पेशल टॉपिक 2 – वायरस एवं जैव प्रौद्योगिकी
अवधारणा एवं वैज्ञानिक आधार (Page 1)
वायरस क्या है?
वायरस सूक्ष्म संक्रामक कण होते हैं जो केवल जीवित कोशिका के अंदर ही अपनी संख्या बढ़ा सकते हैं। इनमें DNA या RNA होता है, जो प्रोटीन आवरण से घिरा रहता है।
- स्वतंत्र रूप से जीवित नहीं रह सकते
- मेजबान कोशिका पर निर्भर
- तेजी से उत्परिवर्तन (Mutation)
🦠 वायरस बनाम बैक्टीरिया
- वायरस जीवित कोशिका के बिना सक्रिय नहीं होते।
- बैक्टीरिया एककोशिकीय जीव हैं।
- एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया पर प्रभावी, वायरस पर नहीं।
🧬 जैव प्रौद्योगिकी क्या है?
जैव प्रौद्योगिकी जीवित जीवों और जैविक प्रणालियों का उपयोग कर नई तकनीक और उत्पाद विकसित करने की प्रक्रिया है।
- टीका विकास
- जीन संपादन (CRISPR)
- कृषि सुधार
- औषधि निर्माण
🌍 परीक्षा दृष्टिकोण
- GS-III – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
- GS-II – सार्वजनिक स्वास्थ्य
- निबंध – महामारी और मानवता
मुख्य विचार:
वायरस चुनौती है, जैव प्रौद्योगिकी समाधान है।
वायरस चुनौती है, जैव प्रौद्योगिकी समाधान है।
प्रकाशित: Shaktimatha Learning
विज्ञान आधारित विशेष अध्ययन श्रृंखला
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