✍ विशेष विषय: सतत विकास – Mains एवं निबंध अभ्यास (पेज 5)
प्रश्न 1 (GS-3)
सतत विकास की अवधारणा भारत जैसे विकासशील देश के लिए क्यों आवश्यक है? वर्तमान चुनौतियों के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न 2 (GS-2)
पर्यावरण संरक्षण हेतु संवैधानिक प्रावधानों और सरकारी नीतियों की प्रभावशीलता पर चर्चा कीजिए।
प्रश्न 3 (GS-4 – नैतिकता)
“प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी केवल कानूनी नहीं, बल्कि नैतिक दायित्व भी है।” इस कथन का मूल्यांकन कीजिए।
🖋 निबंध विषय
“सतत विकास ही सशक्त भारत की आधारशिला है।”
📊 उत्तर संरचना (Answer Framework)
- परिचय: सतत विकास की परिभाषा और पृष्ठभूमि
- मुख्य भाग: चुनौतियाँ → प्रभाव → नीतिगत पहल
- नागरिक सहभागिता और नैतिक दृष्टिकोण
- आगे की राह: व्यावहारिक और संतुलित समाधान
- निष्कर्ष: सकारात्मक और भविष्य उन्मुख दृष्टिकोण
60-शब्द मॉडल निष्कर्ष
सतत विकास केवल पर्यावरणीय अवधारणा नहीं, बल्कि समग्र राष्ट्रीय प्रगति का मार्ग है। यदि नीति-निर्माण, तकनीकी नवाचार और नागरिक जिम्मेदारी एक साथ आगे बढ़ें, तो भारत विकास और पर्यावरण संतुलन का आदर्श मॉडल बन सकता है। यही भविष्य की स्थायी समृद्धि की कुंजी है।
उत्तर में अनुच्छेद 21, 48A, SDGs और सरकारी योजनाओं का उल्लेख अवश्य करें।
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