विशेष विषय – बजट
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) क्या होता है? – Page 6
बजट की चर्चा में एक शब्द बार-बार सुनाई देता है – राजकोषीय घाटा। आम आदमी को यह शब्द डराने वाला लगता है, लेकिन असल में इसका मतलब बहुत सरल है।
🔹 सरल परिभाषा
जब सरकार की आय (टैक्स, शुल्क आदि) उसकी खर्च से कम होती है, तो उस अंतर को राजकोषीय घाटा कहते हैं।
🔹 सरकार यह कमी कैसे पूरी करती है?
सरकार यह अंतर पूरा करने के लिए:
- उधार लेती है
- बॉन्ड और प्रतिभूतियाँ जारी करती है
- विदेशी ऋण लेती है
🔹 क्या घाटा हमेशा गलत है?
नहीं। अगर उधार लिया गया पैसा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे उत्पादक कार्यों में लगाया जाए, तो यह भविष्य के लिए लाभदायक हो सकता है।
🔹 कब बनता है खतरा?
जब लगातार घाटा बढ़ता जाए और पैसा केवल खर्च में जाए, विकास में नहीं, तब आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ बढ़ जाता है।
🔹 आम आदमी के लिए मतलब
ज्यादा घाटा होने पर:
- महंगाई बढ़ सकती है
- भविष्य में टैक्स बढ़ने की संभावना होती है
- सरकारी खर्च सीमित हो सकता है
👉 अगले पेज में: बजट का संक्षिप्त सार – आम आदमी के लिए
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