विशेष विषय – भारत QUAD और BRICS में पेज 3 – भारत–चीन शक्ति संतुलन एवं ग्रैंड स्ट्रैटेजी
1️⃣ भारत–चीन: प्रतिस्पर्धात्मक सह-अस्तित्व
भारत और चीन दोनों उभरती वैश्विक शक्तियाँ हैं। दोनों BRICS के सदस्य हैं, किन्तु उनके बीच सीमावर्ती तनाव और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा जारी है।
- ⚔ LAC पर सीमा विवाद
- 💹 व्यापारिक परस्पर निर्भरता
- 🌍 वैश्विक दक्षिण में प्रभाव की प्रतिस्पर्धा
- 🌊 इंडो-पैसिफिक में सामरिक प्रतिस्पर्धा
सहयोग और प्रतिस्पर्धा का यह मिश्रण भारत–चीन संबंधों की विशेषता है।
2️⃣ QUAD – संतुलन का साधन
भारत QUAD को चीन के बढ़ते प्रभाव के विरुद्ध संतुलनकारी मंच के रूप में देखता है।
- ✔ मालाबार नौसैनिक अभ्यास
- ✔ समुद्री डोमेन जागरूकता
- ✔ आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण
- ✔ महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग
3️⃣ भारत की ग्रैंड स्ट्रैटेजी – तीन स्तंभ
1️⃣ सामरिक स्वायत्तता
भारत किसी भी सैन्य गठबंधन में औपचारिक रूप से शामिल हुए बिना अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बनाए रखता है।
2️⃣ बहु-संरेखण नीति
भारत QUAD, BRICS, SCO, G20 आदि सभी मंचों पर सक्रिय भागीदारी निभाता है।
3️⃣ घरेलू क्षमता निर्माण
आर्थिक विकास, रक्षा आधुनिकीकरण, डिजिटल अवसंरचना और सेमीकंडक्टर मिशन दीर्घकालिक शक्ति निर्माण का आधार हैं।
4️⃣ “ब्रिज पावर” की अवधारणा
भारत पश्चिमी लोकतंत्रों और वैश्विक दक्षिण के बीच सेतु (Bridge Power) की भूमिका निभा सकता है।
📌 रणनीतिक निष्कर्ष
भारत न तो पूर्णतः पश्चिम के साथ संरेखित है और न ही किसी वैकल्पिक गुट में सीमित है। यह संतुलित और व्यावहारिक नीति अपनाकर बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को आकार देने का प्रयास कर रहा है।
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