विशेष विषय – भारत QUAD और BRICS में पेज 5 – UPSC मॉडल उत्तर एवं अंतिम रणनीतिक निष्कर्ष
1️⃣ UPSC – 15 अंकों का प्रश्न
प्रश्न: “उभरती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में QUAD और BRICS दोनों में भारत की भागीदारी उसकी सामरिक व्यवहारिकता (Strategic Pragmatism) को दर्शाती है।” विवेचना कीजिए।
2️⃣ मॉडल उत्तर
शीत युद्ध के पश्चात विश्व व्यवस्था एकध्रुवीय रही, जिसमें अमेरिका प्रमुख शक्ति था। किन्तु वर्तमान में चीन का उदय, रूस की सक्रिय विदेश नीति, BRICS का विस्तार और NATO का पुनर्संरेखन बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की ओर संकेत करते हैं।
भारत QUAD के माध्यम से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करता है और चीन के बढ़ते प्रभाव का संतुलन बनाता है।
वहीं BRICS के माध्यम से भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करता है, वैकल्पिक वित्तीय ढाँचे का समर्थन करता है तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की मांग करता है।
हालाँकि दोनों मंचों की प्राथमिकताएँ भिन्न हैं, भारत की नीति वैचारिक संरेखण नहीं बल्कि राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। इस प्रकार, भारत की दोहरी भागीदारी सामरिक व्यवहारिकता और संतुलित कूटनीति का उदाहरण है।
3️⃣ 20 अंकों के उत्तर की रूपरेखा
- ✔ एकध्रुवीय से बहुध्रुवीय संक्रमण
- ✔ QUAD – सुरक्षा एवं इंडो-पैसिफिक रणनीति
- ✔ BRICS – आर्थिक सुधार एवं वैश्विक दक्षिण नेतृत्व
- ✔ सामरिक स्वायत्तता और बहु-संरेखण
- ✔ चुनौतियाँ – चीन, अमेरिका–रूस तनाव
- ✔ भविष्य की संभावनाएँ
अंतिम ग्रैंड निष्कर्ष
भारत की विदेश नीति 2026 में संतुलित, व्यावहारिक और राष्ट्रीय हित केंद्रित है। QUAD और BRICS दोनों में सक्रिय भागीदारी भारत को बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में एक “Bridge Power” और “Balancing Power” के रूप में स्थापित करती है। दीर्घकालिक सफलता के लिए आर्थिक सुदृढ़ता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और रक्षा आधुनिकीकरण आवश्यक होंगे।
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