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Friday, 27 March 2026

 

Special Topic

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन – INC, नरमपंथी और उग्रवादी


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) का गठन – 1885

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) की स्थापना 1885 में हुई, जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक संगठित दिशा प्रदान की।

इसका प्रारंभिक उद्देश्य भारतीयों को राजनीतिक मंच प्रदान करना और ब्रिटिश सरकार के सामने उनकी समस्याओं को प्रस्तुत करना था।

  • राजनीतिक जागरूकता बढ़ाना
  • भारतीयों को संगठित करना
  • संवैधानिक सुधारों की मांग

नरमपंथी (Moderates) – 1885 से 1905

नरमपंथी नेता सुधारवादी दृष्टिकोण में विश्वास रखते थे। वे ब्रिटिश शासन के भीतर रहकर धीरे-धीरे सुधार लाना चाहते थे।

  • संवैधानिक तरीकों का उपयोग
  • याचिका (Petition) और प्रार्थना (Prayer)
  • शांतिपूर्ण विरोध

प्रमुख नेता: दादाभाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले


उग्रवादी (Extremists) – 1905 से 1919

उग्रवादी नेता अधिक आक्रामक और सक्रिय संघर्ष में विश्वास रखते थे। वे पूर्ण स्वतंत्रता (Swaraj) की मांग करते थे।

  • स्वदेशी आंदोलन (Swadeshi Movement)
  • बहिष्कार (Boycott)
  • राष्ट्रीय शिक्षा (National Education)

प्रमुख नेता: बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल


नरमपंथी vs उग्रवादी (Comparison)

  • नरमपंथी → सुधारवादी
  • उग्रवादी → क्रांतिकारी
  • नरमपंथी → ब्रिटिश सहयोग
  • उग्रवादी → ब्रिटिश विरोध

विश्लेषण (Exam Perspective)

नरमपंथियों ने राजनीतिक जागरूकता की नींव रखी, जबकि उग्रवादियों ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन आंदोलन में बदल दिया।

दोनों की भूमिका मिलकर स्वतंत्रता संग्राम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण रही।

नरमपंथी = नींव, उग्रवादी = ऊर्जा


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