स्पष्टता पहले, गति बाद में
पेज 2 • स्पष्टता की कमी और उसका प्रभाव
जब हमारे मन में स्पष्टता नहीं होती, तो भीतर एक अजीब सा दबाव बन जाता है।
हम कई काम एक साथ करने की कोशिश करते हैं।
पर किसी एक पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते।
ऐसी स्थिति में थकान और चिंता तेज़ी से बढ़ती है।
हम दूसरों की गति देखकर अपने आप को पीछे समझने लगते हैं।
यहीं से असंतोष जन्म लेता है।
लेकिन समस्या गति की नहीं, दिशा की होती है।
जब दिशा स्पष्ट हो, तो मन स्वाभाविक रूप से शांत रहता है।
और शांत मन बेहतर निर्णय ले पाता है।
आज का प्रश्न:
क्या मैं तेज़ चल रहा हूँ
या सही दिशा में चल रहा हूँ?
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