स्पष्टता पहले, गति बाद में
पेज 3 • स्पष्टता और आत्मविश्वास
आत्मविश्वास बाहर से नहीं आता।
वह भीतर जन्म लेता है, जब हमें अपने रास्ते की स्पष्ट समझ होती है।
जिस व्यक्ति को अपने लक्ष्य और सीमाओं का ज्ञान होता है, वह डगमगाता नहीं।
उसे हर कदम पर स्वीकृति या प्रशंसा की आवश्यकता नहीं होती।
स्पष्टता अनिश्चितता को कम करती है।
और जहाँ अनिश्चितता कम होती है, वहाँ भय भी कम होता है।
ऐसा व्यक्ति धीरे चलता है, पर मजबूती से।
उसकी चाल में शोर नहीं, स्थिरता होती है।
यही स्थिरता आत्मविश्वास का सच्चा रूप है।
आज की सीख:
आत्मविश्वास तेज़ होने से नहीं,
स्पष्ट होने से आता है।
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