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Sunday, 22 February 2026

 

 विशेष विषय
जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शासन
Page 3 – जलवायु वित्त एवं उत्तर–दक्षिण बहस


💰 जलवायु वित्त (Climate Finance)

  • विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों को आर्थिक सहायता।
  • हरित प्रौद्योगिकी हस्तांतरण।
  • अनुकूलन (Adaptation) एवं शमन (Mitigation) के लिए निधि।

महत्व: जलवायु परिवर्तन का प्रभाव सबसे अधिक विकासशील देशों पर पड़ता है, जबकि उत्सर्जन में उनका योगदान कम है।


 उत्तर–दक्षिण बहस

  • विकसित देशों का ऐतिहासिक उत्सर्जन अधिक।
  • विकासशील देशों की विकास आवश्यकताएँ।
  • वित्तीय और तकनीकी सहायता की मांग।

विश्लेषण: यह बहस CBDR सिद्धांत के केंद्र में है।

मुख्य प्रश्न: क्या विकसित देश अपने वित्तीय वादों को पूरा कर रहे हैं?


 Loss and Damage फंड

  • जलवायु आपदाओं से प्रभावित देशों को मुआवजा।
  • COP बैठकों में विशेष चर्चा।
  • कमजोर और छोटे द्वीपीय देशों के लिए राहत।

परीक्षा दृष्टिकोण: वैश्विक न्याय और उत्तरदायित्व का प्रश्न।


📊 तथ्य एवं आंकड़े

  • $100 बिलियन वार्षिक जलवायु वित्त का वादा।
  • ग्रीन क्लाइमेट फंड (GCF) की स्थापना।
  • अनुकूलन बनाम शमन वित्त में असंतुलन।

✍ मुख्य परीक्षा उत्तर संरचना

परिचय: जलवायु वित्त की अवधारणा।

मुख्य भाग: उत्तर-दक्षिण बहस + Loss & Damage + वैश्विक न्याय।

निष्कर्ष: समानता और सहयोग पर आधारित समाधान।


“जलवायु न्याय तभी संभव है जब ऐतिहासिक जिम्मेदारी को स्वीकार किया जाए।”

Prepared by Shaktimatha Learning
वैश्विक न्याय | नीति विश्लेषण | परीक्षा उत्कृष्टता

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