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Sunday, 22 February 2026

 

 विशेष विषय
जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शासन
Page 2 – अंतरराष्ट्रीय समझौते


 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा सम्मेलन (UNFCCC)

  • स्थापना वर्ष – 1992 (रियो अर्थ समिट)
  • उद्देश्य – ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता को स्थिर करना।
  • सभी सदस्य देशों की वार्षिक बैठक – COP (Conference of Parties)।

परीक्षा फोकस: COP बैठकों का महत्व और निर्णय।


 क्योटो प्रोटोकॉल (1997)

  • विकसित देशों पर बाध्यकारी उत्सर्जन कटौती लक्ष्य।
  • तीन प्रमुख तंत्र – CDM, JI और Emissions Trading।
  • ‘साझी लेकिन विभेदित जिम्मेदारी’ (CBDR) सिद्धांत की पुष्टि।

विश्लेषण: विकासशील देशों पर बाध्यकारी लक्ष्य नहीं थे।


 पेरिस समझौता (2015)

  • वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से कम रखना।
  • राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs)।
  • जलवायु वित्त और तकनीकी सहयोग।

महत्व: सभी देशों की भागीदारी और लचीलापन।

परीक्षा प्रश्न: पेरिस समझौते की प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा कीजिए।


 CBDR सिद्धांत

साझी लेकिन विभेदित जिम्मेदारी: सभी देश जलवायु परिवर्तन के समाधान में सहभागी हैं, लेकिन उनकी ऐतिहासिक जिम्मेदारी और विकास स्तर के आधार पर दायित्व अलग-अलग हैं।

विश्लेषण: विकसित बनाम विकासशील देशों के बीच बहस का केंद्र।


📘 त्वरित तुलना तालिका

  • UNFCCC – रूपरेखा और वार्ता मंच
  • क्योटो – विकसित देशों के बाध्यकारी लक्ष्य
  • पेरिस – सभी देशों की स्वैच्छिक भागीदारी (NDC)

“वैश्विक समस्याओं का समाधान वैश्विक सहयोग से ही संभव है।”

Prepared by Shaktimatha Learning
वैश्विक दृष्टिकोण | नीति विश्लेषण | परीक्षा उत्कृष्टता

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