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Sunday, 22 February 2026

 

 विशेष विषय
जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शासन


जलवायु परिवर्तन 21वीं सदी की सबसे गंभीर वैश्विक चुनौतियों में से एक है। यह केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ा हुआ मुद्दा है।

 वैश्विक परिप्रेक्ष्य

  • ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि।
  • समुद्र-स्तर में वृद्धि और चरम मौसम घटनाएँ।
  • खाद्य एवं जल सुरक्षा पर प्रभाव।

मुख्य बिंदु: जलवायु परिवर्तन वैश्विक असमानता को बढ़ाता है।


 अंतरराष्ट्रीय समझौते

  • पेरिस समझौता (Paris Agreement)
  • क्योटो प्रोटोकॉल
  • संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा सम्मेलन (UNFCCC)

परीक्षा फोकस: ‘साझी लेकिन विभेदित जिम्मेदारी’ (CBDR) सिद्धांत।


🇮🇳 भारत की भूमिका

  • नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य।
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA)।
  • नेट-जीरो प्रतिबद्धता।

विश्लेषण: भारत विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहा है।


✍ मुख्य परीक्षा संरचना

परिचय: जलवायु परिवर्तन की परिभाषा और वैश्विक महत्व।

मुख्य भाग: अंतरराष्ट्रीय समझौते + भारत की भूमिका + चुनौतियाँ।

निष्कर्ष: सतत और समावेशी विकास की आवश्यकता।


“जलवायु परिवर्तन केवल पर्यावरण का प्रश्न नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य का प्रश्न है।”

Prepared by Shaktimatha Learning
विश्लेषणात्मक दृष्टि | सतत विकास | परीक्षा उत्कृष्टता

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