दैनिक समसामयिकी – 28 फरवरी 2026
हिंदी | पृष्ठ 5 | भारतीय अर्थव्यवस्था – विश्लेषणात्मक अवलोकन
💰 1. पूंजीगत व्यय और विकास रणनीति
सरकार ने अवसंरचना, विनिर्माण और दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में वृद्धि की है।
मुख्य अवधारणाएँ:
- पूंजीगत व्यय बनाम राजस्व व्यय
- मल्टीप्लायर प्रभाव
- निवेश-आधारित विकास मॉडल
मुख्य परीक्षा दृष्टिकोण: क्या सार्वजनिक निवेश निजी निवेश को प्रोत्साहित कर सकता है?
2. वित्तीय समावेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था
डिजिटल भुगतान प्रणाली और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है।
संबंधित पहलें:
- प्रधानमंत्री जनधन योजना
- UPI प्रणाली
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI)
इससे पारदर्शिता बढ़ी है और सब्सिडी वितरण में सुधार हुआ है।
📊 3. मुद्रास्फीति और नीति समन्वय
मुद्रास्फीति को नियंत्रित करते हुए विकास दर बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है।
संबंधित अवधारणाएँ:
- रेपो दर
- CPI और WPI
- राजकोषीय और मौद्रिक नीति का समन्वय
4. वैश्विक संदर्भ में भारत की अर्थव्यवस्था
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत विश्व की तीव्र गति से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण:
- घरेलू मांग
- निवेश-आधारित वृद्धि
- आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
“भारत की आर्थिक वृद्धि में पूंजीगत व्यय और डिजिटल वित्तीय संरचना की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।” (250 शब्द)
📘 अवधारणा स्पष्टता + विश्लेषण = उच्च अंक
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