✍ विशेष विषय 2: Mains एवं निबंध अभ्यास (पेज 5)
प्रश्न 1 (GS-3)
जैव प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। इसके लाभों और चुनौतियों का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न 2 (GS-4 – नैतिकता)
“जीन संपादन तकनीक मानवता के लिए अवसर भी है और चुनौती भी।” इस कथन की विवेचना कीजिए।
प्रश्न 3 (GS-2/GS-3)
भारत में जैव प्रौद्योगिकी के विकास के लिए मजबूत नियामक ढांचे की आवश्यकता क्यों है?
🖋 निबंध विषय
“विज्ञान की प्रगति तभी सार्थक है जब वह मानवता की सेवा करे।”
📊 उत्तर संरचना (Answer Framework)
- परिचय: जैव प्रौद्योगिकी की परिभाषा एवं महत्व
- मुख्य भाग: अनुप्रयोग → लाभ → चुनौतियाँ → नैतिक पहलू
- नीतिगत एवं वैश्विक संदर्भ
- निष्कर्ष: संतुलित एवं जिम्मेदार वैज्ञानिक प्रगति
60-शब्द मॉडल निष्कर्ष
जैव प्रौद्योगिकी मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकती है और असाध्य रोगों के उपचार की संभावना बढ़ा सकती है। किंतु इसके साथ नैतिक संतुलन, सशक्त नियामक ढांचा और सामाजिक समानता सुनिश्चित करना आवश्यक है। जिम्मेदार विज्ञान ही स्थायी प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
उत्तर में DBT, WHO, BWC और CRISPR जैसे उदाहरणों का उल्लेख करने से उत्तर अधिक प्रभावशाली बनता है।
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