स्पेशल टॉपिक 3 – कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा
नैतिकता एवं डेटा संरक्षण (Page 4)
AI में नैतिकता क्यों आवश्यक है?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब शासन, स्वास्थ्य, वित्त और न्यायिक प्रणाली में निर्णय लेने में भूमिका निभा रही है। ऐसे में यदि एल्गोरिद्म में त्रुटि या पक्षपात हो, तो इसका प्रभाव नागरिकों के अधिकारों पर पड़ सकता है।
- निष्पक्षता (Fairness)
- पारदर्शिता (Transparency)
- उत्तरदायित्व (Accountability)
- मानव निगरानी (Human Oversight)
⚖ एल्गोरिथमिक पक्षपात
AI सिस्टम डेटा से सीखते हैं। यदि डेटा पक्षपाती है, तो परिणाम भी पक्षपाती हो सकते हैं। उदाहरण: भर्ती प्रक्रिया या चेहरे की पहचान में त्रुटि।
नियमित ऑडिट और विविध डेटा सेट इस समस्या को कम कर सकते हैं।
डेटा संरक्षण एवं गोपनीयता
AI को बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत डेटा की आवश्यकता होती है। यदि डेटा सुरक्षा मजबूत न हो, तो नागरिकों की गोपनीयता खतरे में पड़ सकती है।
- सूचित सहमति
- डेटा न्यूनता सिद्धांत
- स्वतंत्र नियामक प्राधिकरण
- डेटा संरक्षण कानून
नियामक ढांचा
सरकार को ऐसा संतुलित नियामक ढांचा विकसित करना चाहिए जो नवाचार को बढ़ावा दे, परंतु नागरिक अधिकारों की रक्षा भी करे।
- AI जवाबदेही तंत्र
- साइबर कानूनों का सुदृढ़ीकरण
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग
📚 परीक्षा दृष्टिकोण
- GS-IV – नैतिकता, ईमानदारी एवं उत्तरदायित्व
- GS-III – डेटा सुरक्षा एवं तकनीकी शासन
- निबंध – “तकनीक और मानव अधिकार”
तकनीक तभी उपयोगी है, जब वह मानव गरिमा और अधिकारों की रक्षा करे।
उत्तरदायी तकनीक, सुरक्षित समाज
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