स्पेशल टॉपिक 3 – कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा
साइबर सुरक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा (Page 3)
साइबर खतरे की प्रकृति
साइबर खतरे वे डिजिटल हमले हैं जो कंप्यूटर नेटवर्क, डेटा और महत्वपूर्ण अवसंरचना को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से किए जाते हैं। डिजिटल युग में इनकी जटिलता और आवृत्ति दोनों बढ़ी हैं।
- फिशिंग और रैनसमवेयर हमले
- डेटा चोरी
- DDoS हमले
- AI आधारित साइबर हमले
राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव
बिजली ग्रिड, बैंकिंग प्रणाली, रक्षा संचार और स्वास्थ्य सेवाएँ डिजिटल प्रणालियों पर निर्भर हैं। इन पर साइबर हमला राष्ट्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
- चुनाव प्रणाली की सुरक्षा
- रक्षा संचार नेटवर्क
- वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा
- महत्वपूर्ण अवसंरचना की रक्षा
साइबर युद्ध
साइबर युद्ध आधुनिक संघर्ष का नया आयाम है। देश डिजिटल जासूसी और डेटा चोरी के माध्यम से प्रतिस्पर्धा करते हैं। यह पारंपरिक युद्ध से अलग और अदृश्य होता है।
प्रमुख चुनौतियाँ
- प्रशिक्षित साइबर विशेषज्ञों की कमी
- तेजी से बदलती तकनीक
- अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अस्पष्टता
- सामान्य नागरिकों में जागरूकता की कमी
📚 परीक्षा दृष्टिकोण
- GS-III – आंतरिक सुरक्षा
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – उभरते खतरे
- निबंध – “डिजिटल युग में सुरक्षा”
डिजिटल सीमाएँ भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी भौतिक सीमाएँ।
सुरक्षित राष्ट्र, सशक्त भविष्य
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