विशेष विषय: महँगाई (Inflation)
Page 2: महँगाई के कारण – Demand Pull और Cost Push
1️⃣ महँगाई के प्रमुख कारण
महँगाई अचानक नहीं होती। इसके पीछे कई आर्थिक कारण होते हैं। इन कारणों को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा जाता है:
- Demand Pull Inflation
- Cost Push Inflation
2️⃣ Demand Pull Inflation (माँग आधारित महँगाई)
जब वस्तुओं और सेवाओं की माँग बहुत अधिक हो जाती है, लेकिन उनकी आपूर्ति उतनी नहीं बढ़ती, तो कीमतें बढ़ने लगती हैं।
उदाहरण:
त्योहारों के समय
मोबाइल, कपड़े या सोने की माँग बढ़ती है।
अगर उत्पादन सीमित है,
तो कीमतें अपने आप बढ़ जाती हैं।
Demand Pull के कारण:
- लोगों की आय में वृद्धि
- सरकारी खर्च में बढ़ोतरी
- सस्ते ऋण (Loans) की उपलब्धता
- जनसंख्या और उपभोग में वृद्धि
3️⃣ Cost Push Inflation (लागत आधारित महँगाई)
जब उत्पादन की लागत बढ़ती है, तो उत्पादक मजबूर होकर कीमतें बढ़ा देते हैं। इसे Cost Push Inflation कहते हैं।
उदाहरण:
अगर पेट्रोल-डीज़ल महँगा हो जाए,
तो परिवहन लागत बढ़ती है।
इसका असर
सब्ज़ी, दूध, दवाइयों जैसी
जरूरी चीज़ों पर पड़ता है।
Cost Push के कारण:
- ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि
- कच्चे माल की कमी
- मजदूरी में वृद्धि
- कर और टैक्स का बोझ
- वैश्विक संकट और युद्ध
4️⃣ भारत में Cost Push महँगाई
भारत में खाद्य वस्तुएँ, ईंधन और उर्वरकों की कीमतें महँगाई को तेजी से बढ़ाती हैं।
मध्य-पूर्व संकट, तेल आयात पर निर्भरता और वैश्विक सप्लाई चेन बाधाएँ इसका प्रमुख कारण हैं।
5️⃣ आम आदमी पर सीधा असर
- दैनिक ज़रूरतों का खर्च बढ़ता है
- घर का मासिक बजट बिगड़ता है
- बचत और निवेश घटता है
- गरीब और मध्यम वर्ग अधिक प्रभावित
6️⃣ परीक्षा दृष्टि से महत्व
UPSC, State PSCs और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में Demand Pull और Cost Push Inflation पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
यह लेख आर्थिक समझ बढ़ाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए तैयार किया गया है।
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