विशेष विषय: महँगाई (Inflation)
Page 3: महँगाई नियंत्रण में सरकार और RBI की भूमिका
1️⃣ महँगाई को नियंत्रित करना क्यों ज़रूरी है?
अगर महँगाई नियंत्रण में न रहे, तो आम आदमी की क्रय-शक्ति घटती है, गरीबी बढ़ती है और आर्थिक अस्थिरता पैदा होती है।
इसलिए सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) दोनों मिलकर महँगाई को नियंत्रित करने का प्रयास करते हैं।
2️⃣ सरकार की भूमिका
सरकार मुख्य रूप से राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) के माध्यम से महँगाई को नियंत्रित करती है।
सरकार के प्रमुख कदम:
- करों में कटौती या वृद्धि
- सब्सिडी देना (खाद्य, उर्वरक, LPG)
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)
- आयात-निर्यात नीति में बदलाव
- बफर स्टॉक का उपयोग
उदाहरण के लिए, अगर दालें या प्याज़ महँगे हों, तो सरकार आयात बढ़ाकर कीमतें कम करने की कोशिश करती है।
3️⃣ भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की भूमिका
RBI महँगाई को मौद्रिक नीति (Monetary Policy) के ज़रिए नियंत्रित करता है।
RBI के मुख्य उपकरण:
- Repo Rate
- Reverse Repo Rate
- Cash Reserve Ratio (CRR)
- Statutory Liquidity Ratio (SLR)
- Open Market Operations
4️⃣ ब्याज दर और महँगाई
जब महँगाई बढ़ती है, तो RBI ब्याज दरें बढ़ाता है।
इससे:
- ऋण महँगा हो जाता है
- खर्च कम होता है
- माँग घटती है
- महँगाई पर दबाव कम होता है
5️⃣ Inflation Targeting Framework
भारत में RBI को 4% (+/- 2%) महँगाई दर बनाए रखने का लक्ष्य दिया गया
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