दैनिक समसामयिकी – 4 मार्च 2026 पेज 5 – 360° रणनीतिक सारांश एवं मॉडल उत्तर
1️⃣ वर्तमान वैश्विक परिदृश्य – समग्र दृष्टिकोण
विश्व व्यवस्था वर्तमान में संक्रमण काल से गुजर रही है। एकध्रुवीय व्यवस्था से बहुध्रुवीय संरचना की ओर बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
- ✔ NATO का विस्तार और रूस की प्रतिक्रिया
- ✔ चीन का उदय और इंडो-पैसिफिक प्रतिस्पर्धा
- ✔ मध्य-पूर्व में अस्थिरता
- ✔ ऊर्जा एवं आर्थिक असुरक्षा
2️⃣ भारत की रणनीतिक स्थिति
भारत बहुध्रुवीय विश्व में संतुलनकारी शक्ति के रूप में उभर रहा है। QUAD और BRICS दोनों में भागीदारी भारत की बहु-संरेखण नीति को दर्शाती है।
- ✔ सामरिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy)
- ✔ वैश्विक दक्षिण का नेतृत्व
- ✔ आर्थिक और सुरक्षा संतुलन
3️⃣ UPSC 15 अंकों का प्रश्न
प्रश्न: “समकालीन विश्व व्यवस्था बहुध्रुवीय संक्रमण के दौर से गुजर रही है।” उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
मॉडल उत्तर रूपरेखा:
शीत युद्ध के बाद अमेरिका-प्रधान एकध्रुवीय व्यवस्था स्थापित हुई थी। किन्तु वर्तमान में चीन का आर्थिक और तकनीकी उदय, रूस की आक्रामक विदेश नीति, NATO का पुनर्संरेखन तथा BRICS का विस्तार बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की ओर संकेत करते हैं।
हालाँकि राष्ट्रों के बीच आर्थिक परस्पर निर्भरता पूर्ण ध्रुवीय विभाजन को रोकती है। अतः वर्तमान परिदृश्य प्रतिस्पर्धात्मक बहुध्रुवीयता का उदाहरण है।
4️⃣ 20 अंकों के उत्तर की संरचना
- ✔ एकध्रुवीय से बहुध्रुवीय संक्रमण
- ✔ प्रमुख शक्तियों का पुनर्संतुलन
- ✔ आर्थिक और ऊर्जा भू-राजनीति
- ✔ भारत की संतुलनकारी भूमिका
- ✔ भविष्य की संभावनाएँ और चुनौतियाँ
अंतिम रणनीतिक निष्कर्ष
2026 में वैश्विक व्यवस्था जटिल, परस्पर निर्भर और बहुध्रुवीय है। भारत जैसी उभरती शक्तियाँ स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। आर्थिक मजबूती और सामरिक स्वायत्तता भविष्य की सफलता की कुंजी होगी।
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