Labels

Tuesday, 3 March 2026

 

 विशेष विषय – भारत QUAD और BRICS में उभरती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (पेज 1)


1️⃣ प्रस्तावना – भारत की विशिष्ट स्थिति

भारत वैश्विक राजनीति में एक अनोखी स्थिति रखता है। वह एक ओर QUAD का सदस्य है, जो इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर केंद्रित है, और दूसरी ओर BRICS का भी सदस्य है, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है।

  • QUAD – अमेरिका, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया
  •  BRICS – ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका (+ नए सदस्य)

यह दोहरी सदस्यता भारत की सामरिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) और बहु-संरेखण (Multi-alignment) नीति को दर्शाती है।


2️⃣ बहुध्रुवीय विश्व की ओर संक्रमण

शीत युद्ध के बाद स्थापित एकध्रुवीय व्यवस्था अब धीरे-धीरे बहुध्रुवीय संरचना में परिवर्तित हो रही है।

  •  अमेरिका – सैन्य एवं वित्तीय प्रभुत्व
  •  चीन – आर्थिक और तकनीकी विस्तार
  •  रूस – ऊर्जा एवं सामरिक प्रभाव
  • भारत – उभरती संतुलनकारी शक्ति

3️⃣ QUAD में भारत की भूमिका – सुरक्षा आयाम

QUAD मुख्यतः इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित है।

  • ✔ मालाबार नौसैनिक अभ्यास
  • ✔ समुद्री सुरक्षा सहयोग
  • ✔ महत्वपूर्ण तकनीक और सेमीकंडक्टर सहयोग

4️⃣ BRICS में भारत की भूमिका – आर्थिक आयाम

BRICS वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने और वैकल्पिक वित्तीय तंत्र विकसित करने का प्रयास करता है।

  • ✔ न्यू डेवलपमेंट बैंक
  • ✔ स्थानीय मुद्रा में व्यापार
  • ✔ वैश्विक शासन सुधार की मांग

 मुख्य प्रश्न

क्या QUAD और BRICS दोनों में भारत की भागीदारी उसे बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में निर्णायक शक्ति बनाती है?


📘 Shaktimatha Learning – विशेष विषय (भारत QUAD और BRICS – हिंदी पेज 1)

No comments:

Post a Comment

  📚 Complete Learning Navigation 📰 Daily Current Affairs 360° Analysis | Deep Analysis | India Focus | Social Analysis ...