विशेष विषय – भारत QUAD और BRICS में उभरती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (पेज 1)
1️⃣ प्रस्तावना – भारत की विशिष्ट स्थिति
भारत वैश्विक राजनीति में एक अनोखी स्थिति रखता है। वह एक ओर QUAD का सदस्य है, जो इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर केंद्रित है, और दूसरी ओर BRICS का भी सदस्य है, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है।
- QUAD – अमेरिका, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया
- BRICS – ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका (+ नए सदस्य)
यह दोहरी सदस्यता भारत की सामरिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) और बहु-संरेखण (Multi-alignment) नीति को दर्शाती है।
2️⃣ बहुध्रुवीय विश्व की ओर संक्रमण
शीत युद्ध के बाद स्थापित एकध्रुवीय व्यवस्था अब धीरे-धीरे बहुध्रुवीय संरचना में परिवर्तित हो रही है।
- अमेरिका – सैन्य एवं वित्तीय प्रभुत्व
- चीन – आर्थिक और तकनीकी विस्तार
- रूस – ऊर्जा एवं सामरिक प्रभाव
- भारत – उभरती संतुलनकारी शक्ति
3️⃣ QUAD में भारत की भूमिका – सुरक्षा आयाम
QUAD मुख्यतः इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित है।
- ✔ मालाबार नौसैनिक अभ्यास
- ✔ समुद्री सुरक्षा सहयोग
- ✔ महत्वपूर्ण तकनीक और सेमीकंडक्टर सहयोग
4️⃣ BRICS में भारत की भूमिका – आर्थिक आयाम
BRICS वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने और वैकल्पिक वित्तीय तंत्र विकसित करने का प्रयास करता है।
- ✔ न्यू डेवलपमेंट बैंक
- ✔ स्थानीय मुद्रा में व्यापार
- ✔ वैश्विक शासन सुधार की मांग
मुख्य प्रश्न
क्या QUAD और BRICS दोनों में भारत की भागीदारी उसे बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में निर्णायक शक्ति बनाती है?
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