दैनिक समसामयिकी – 4 मार्च 2026 पेज 2 – वैश्विक संस्थाएँ एवं शक्ति संतुलन
1️⃣ संयुक्त राष्ट्र (UN) – संरचनात्मक चुनौतियाँ
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों के बीच मतभेद निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। वीटो प्रणाली कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गतिरोध पैदा कर रही है।
- ✔ यूक्रेन और मध्य-पूर्व पर विभाजन
- ✔ सुरक्षा परिषद सुधार की मांग
- ✔ शांति स्थापना की सीमित क्षमता
2️⃣ NATO – विस्तार और रणनीतिक सुदृढ़ीकरण
यूक्रेन युद्ध के बाद NATO ने अपनी सामूहिक रक्षा नीति को मजबूत किया है।
- ✔ फिनलैंड और स्वीडन का जुड़ना
- ✔ पूर्वी यूरोप में सैन्य तैनाती
- ✔ रूस के विरुद्ध निरोधात्मक नीति
3️⃣ रूस–चीन सामरिक साझेदारी
पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस और चीन के बीच आर्थिक एवं ऊर्जा सहयोग बढ़ा है। दोनों देश बहुध्रुवीय व्यवस्था का समर्थन करते हैं।
- ✔ स्थानीय मुद्रा में व्यापार
- ✔ ऊर्जा आपूर्ति समझौते
- ✔ BRICS एवं SCO में समन्वय
4️⃣ खाड़ी देशों की ऊर्जा कूटनीति
OPEC+ उत्पादन नीतियों के माध्यम से तेल बाजार को प्रभावित कर रहा है। खाड़ी देश संतुलनकारी कूटनीति अपना रहे हैं।
- तेल उत्पादन नियंत्रण
- अमेरिका और चीन दोनों से संबंध
- ⚖ क्षेत्रीय स्थिरता के प्रयास
5️⃣ पाकिस्तान–अफगान अस्थिरता
ड्यूरंड रेखा के आसपास तनाव और सीमा संघर्ष दक्षिण एशिया की सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं।
- ✔ सीमा झड़पें
- ✔ तालिबान–पाक संबंध तनाव
- ✔ क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा
रणनीतिक विश्लेषण
वैश्विक संस्थाएँ दबाव में हैं, गठबंधन पुनर्संरेखित हो रहे हैं, और क्षेत्रीय संघर्ष आपस में जुड़े हुए हैं। विश्व व्यवस्था बहुध्रुवीय संक्रमण के दौर से गुजर रही है।
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