भारतीय राजव्यवस्था – न्यायिक सक्रियता बनाम अतिक्रमण (आलोचनात्मक विश्लेषण)
UPSC | SSC | राज्य परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण
1. न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism)
जब न्यायपालिका संविधान की रक्षा और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाती है, उसे न्यायिक सक्रियता कहा जाता है।
- जनहित याचिका (PIL) का उपयोग
- सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना
- कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा
2. न्यायिक अतिक्रमण (Judicial Overreach)
जब न्यायपालिका अपनी सीमाओं से बाहर जाकर कार्यपालिका या विधायिका के क्षेत्र में हस्तक्षेप करती है, तो उसे न्यायिक अतिक्रमण कहा जाता है।
- नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप
- शक्ति संतुलन का उल्लंघन
- लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रभाव
3. संतुलन की आवश्यकता (Need for Balance)
भारतीय लोकतंत्र में तीनों अंगों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
- संसद कानून बनाती है
- कार्यपालिका उसे लागू करती है
- न्यायपालिका उसकी समीक्षा करती है
4. Checks and Balances
Checks and balances प्रणाली लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और शक्ति के दुरुपयोग को रोकती है।
- न्यायिक पुनरावलोकन
- संसदीय नियंत्रण
- संवैधानिक सीमाएँ
5. परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु
- न्यायिक सक्रियता बनाम अतिक्रमण
- Checks and balances
- लोकतांत्रिक संतुलन
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