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Saturday, 28 March 2026

 

भारतीय राजव्यवस्था – संसद बनाम न्यायपालिका (संघर्ष और केस)

UPSC | SSC | राज्य परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण


1. संसद बनाम न्यायपालिका

भारतीय लोकतंत्र में संसद और न्यायपालिका दोनों महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। कभी-कभी इनके बीच शक्तियों को लेकर टकराव उत्पन्न होता है।

  • संसद कानून बनाती है
  • न्यायपालिका कानून की व्याख्या करती है
  • न्यायपालिका कानून को असंवैधानिक घोषित कर सकती है

2. न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review)

न्यायपालिका को यह अधिकार है कि वह संसद द्वारा बनाए गए कानूनों की समीक्षा कर सके।

  • संविधान की सर्वोच्चता सुनिश्चित करता है
  • असंवैधानिक कानूनों को निरस्त करता है

3. महत्वपूर्ण केस (Important Cases)

  • केशवानंद भारती केस (1973) – Basic Structure सिद्धांत
  • गोलकनाथ केस (1967) – संसद मौलिक अधिकारों को नहीं बदल सकती
  • मिनर्वा मिल्स केस (1980) – संतुलन बनाए रखना
  • एस.आर. बोम्मई केस (1994) – अनुच्छेद 356 पर नियंत्रण
  • ADM जबलपुर केस (1976) – आपातकाल में अधिकारों का प्रश्न

4. बेसिक स्ट्रक्चर सिद्धांत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन उसके मूल ढांचे (Basic Structure) को नहीं बदल सकती।

  • लोकतंत्र
  • संविधान की सर्वोच्चता
  • न्यायपालिका की स्वतंत्रता

5. परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु

  • संसद बनाम न्यायपालिका
  • न्यायिक पुनरावलोकन
  • महत्वपूर्ण केस और सिद्धांत

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