दैनिक समसामयिकी – 28 फरवरी 2026
हिंदी | पृष्ठ 12 | नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि
1. नैतिकता (Ethics) की अवधारणा
नैतिकता वह सिद्धांत है जो मानव आचरण को सही और गलत के आधार पर मार्गदर्शित करता है। सार्वजनिक प्रशासन में नैतिक आचरण से पारदर्शिता और विश्वास स्थापित होता है।
मुख्य नैतिक मूल्य:
- सत्यनिष्ठा
- ईमानदारी
- निष्पक्षता
- जवाबदेही
- करुणा
2. सार्वजनिक प्रशासन में सत्यनिष्ठा
सत्यनिष्ठा का अर्थ है विचार, वचन और कर्म में एकरूपता।
महत्व:
- भ्रष्टाचार में कमी
- लोक विश्वास में वृद्धि
- प्रभावी नीति क्रियान्वयन
3. भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence)
भावनात्मक बुद्धिमत्ता व्यक्ति की अपनी एवं दूसरों की भावनाओं को समझने और नियंत्रित करने की क्षमता है।
मुख्य घटक:
- आत्म-जागरूकता
- आत्म-नियंत्रण
- सहानुभूति
- सामाजिक कौशल
UPSC दृष्टिकोण: प्रशासनिक निर्णयों में सहानुभूति और संतुलन।
4. नैतिक सिद्धांत
- कर्तव्यवाद (Deontology): कर्तव्य आधारित नैतिकता
- उपयोगितावाद (Utilitarianism): अधिकतम लोगों का अधिकतम हित
- गुण नैतिकता (Virtue Ethics): चरित्र आधारित दृष्टिकोण
📊 5. केस स्टडी अभ्यास
आप एक जिला अधिकारी हैं और आपको एक कल्याणकारी योजना में अनियमितताओं की सूचना मिलती है।
उत्तर संरचना:
- हितधारकों की पहचान
- नैतिक दुविधा का विश्लेषण
- संभावित विकल्प
- सबसे नैतिक एवं पारदर्शी निर्णय
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
“सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता सुशासन की आधारशिला हैं।” विवेचना कीजिए। (250 शब्द)
📘 नैतिक सोच + प्रशासनिक विवेक = नेतृत्व उत्कृष्टता
© 2026 Shaktimatha Learning – नैतिकता एवं शासन श्रृंखला
पृष्ठ 1 – राष्ट्रीय समाचार | पृष्ठ 2 – अंतरराष्ट्रीय संबंध | पृष्ठ 3 – विज्ञान एवं रक्षा | पृष्ठ 4 – संपादकीय + MCQs | पृष्ठ 5 – अर्थव्यवस्था अवलोकन | पृष्ठ 5-II – विस्तृत विश्लेषण | पृष्ठ 5-III – उन्नत विश्लेषण | पृष्ठ 5-IV – केस स्टडी | पृष्ठ 6 – पर्यावरण | पृष्ठ 7 – रिपोर्ट एवं सूचकांक | पृष्ठ 8 – बजट एवं राजकोषीय नीति | पृष्ठ 9 – सरकारी योजनाएँ | पृष्ठ 10 – अंतरराष्ट्रीय संगठन | पृष्ठ 11 – भारतीय संविधान | पृष्ठ 12 – नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा
संरचित | विश्लेषणात्मक | परीक्षा-उन्मुख – Shaktimatha Learning
No comments:
Post a Comment